नई दिल्ली. कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी का कहना है कि एग्रीकल्चर सेक्टर इकोनॉमी को कोविड-19 के असर से उबारेगा। केंद्र सरकार ने एग्रीकल्चर और इससे जुड़े क्षेत्रों को लॉकडाउन से छूट दी ताकि खाद्य वस्तुओं की कोई कमी नहीं हो। चौधरी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि लॉकडाउन की शुरूआत से ही इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि किसानों को कोई दिक्कत नहीं हो। हर दिन इसकी समीक्षा की जा रही है।
राज्यों से बात की, खेती के कामों में दिक्कत नहीं: मंत्री
रबी की फसलों के सीजन में खेती से जुड़े मजदूरों की कमी पर चौधरी ने कहा कि हमने राज्यों के कृषि मंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की है। कहीं से भी ऐसी बात नहीं आई है कि मजदूर नहीं मिलने की वजह से काम प्रभावित हो रहा है। गेहूं की फसल की कटाई मशीनों से हो चुकी है। मशीनरी खरीदने, मरम्मत करवाने और लाने ले-जाने के लिए सभी रियायतें दी जा चुकी हैं।
पीएम-किसान योजना के तहत 14 हजार करोड़ ट्रांसफर
चौधरी का कहना है कि गेहूं की खरीद के लिए राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। पंचायत स्तर पर वे को-ऑपरेटिव सोसायटी के जरिए खरीद सकते हैं। खरीद कब शुरू करनी है, इस बारे में राज्य खुद फैसला लेंगे। हर साल की तरह इस बार भी एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होनी थी लेकिन, लॉकडाउन की वजह से नहीं हो पाई। चौधरी ने बताया कि पीएम-किसान योजना के तहत 7 करोड़ किसानों के खातों में 14 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
कृषि क्षेत्र इकोनॉमी को कोविड-19 के असर से उबारेगा, इस सेक्टर को लॉकडाउन से छूट है: कृषि राज्य मंत्री