आज की मॉडर्न सोशलाइज और सोशल मीडिया के ओत-प्रोत बिजी लाइफ में हम रिश्तों के सही मायने भूलते जा रहे हैं। यही कारण है कि रिश्तों में प्यार की मिठास, आपसी आदर और विश्वास इस कदर खोते जा रहे हैं कि अपनेपन का भाव कम हो गया है। हम रिश्तों को जीने के बजाए एक फॉर्मलिटीज समझ निभा रहे हैं।
समय का करें सदुपयोग
इन खामियों की वजह अक्सर हम समय की कमी बताते हैं, लेकिन ये लॉकडाउन का वक्त हमें समय ही समय दे रहा है। ऐसे में हमेशा सोशल लाइफ जीने वाले हम लोगों को सोशल डिस्टेसिंग का सदुपयोग करना चाहिए, जिससे आप रिश्ते को रिफ्रेश कर पाएंगे।
क्या करें
- फैमिली की पुरानी यादें पुराने एल्बम और फैमिली प्रोग्राम की सीडी देख साथ में क्वालिटी टाइम बिताएं।
- कोई एक्टिविटी करें जैसे डांस, सिंगिंग, योगा, या फिर कोई गेम जिसे सब एकसाथ खेल सकें।
- महिलाओं को किचन से स्पेस दें। पुरुष कुछ दिन शेफ की भूमिका निभाएं। कुछ नया बनाएं तो बेहतर।
- सकारात्मक और आध्यात्मिक माहौल बनाने की कोशिश करें। बच्चों को धार्मिक ग्रंथों, पुराणों से अवगत कराएं।
- बच्चों के साथ कम से कम एक घंटे सबकी पसंद के टॉपिक की किताबें पढ़ें। उनसे विचार बांटें।
क्या न करें
- पूरे समय घर में होने के कारण बच्चों को मस्ती करने से डांटे नहीं। उनके मन पर बुरा असर पड़ेगा।
- आप आइसोलेशन में हैं, तो बाहर के काम ना होने का दुख ना करें और घर का माहौल खराब ना करें।
- घर के कामों में मदद ना कर सकें तो घर के काम भी ना बढ़ाएं। हरदम खुश रहें, व्यस्त और मस्त रहें।
- सिर्फ टीवी और मोबाइल में ही व्यस्त न रहें। दूसरी गतिविधियों में भी अपना वक्त लगाएं तो बेहतर होगा।
- अपनी रुटीन को न बिगाड़ें, जैसे नहाने, खाने और सोने का समय। यह रुटीन आगे मदद करेगा।